Uttar Pradesh UP Budget 2019-20 Highlights

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने अपना तीसरा और अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया।

उत्तर प्रदेश के वित्तमंत्री राजेश अग्रवाल ने विधानसभा में 2019 – 2020 के लिए 4.79 करोड़ का बजट पेश किया। पिछले बजट की तुलना में यह बजट 12 प्रतिशत अधिक है। इस बार लगभग 21,212 करोड़ की नई योजनाओं की घोषणा की गयी है।

‘कन्या सुमंगला योजना’ के तहत सरकार ने 1200 करोड़ का प्रावधान किया है, बेटी के जन्म से लेकर डिग्री की पढ़ाई तक चार चरणों में धनराशि दी जाएगी।

आयुष्मान भारत योजना में 6 करोड़ लोग शामिल हैं, बचे हुए लोगों के लिए ‘मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान’ के तहत 111 करोड़ आवंटित गए हैं।

सरकार ने महिला और बाल कल्याण  लिए 23.23 फीसद बजट बढ़ाया है। अब विधवा पेंशन के लिए कोई आयु सीमा नहीं होगी।

हर जिले के खास उत्पादों के लिए ‘एक जिला एक उत्पाद’ तथा मिटटी के पेशे से जुड़े लोगों को सहायता हेतु ‘माटी कला बोर्ड’ की स्थापना की गयी है।

परम्परागत पेशे से जुड़े लोगों जैसे -लवाई, दर्जी, मोची, नाई, बढ़ई, धोबी, सुनार, टोकरी बुनकर, लोहार व राजमिस्त्री के लिए ‘विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना’ शुरू की गयी है।

‘मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना’ के लिए 100 करोड़ दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री के नाम से तीन नई योजनाएं- 1 . सामुदायिक वानिकी 2. फलोद्यान  3. कृषक वृक्ष धन शुरू की गयी हैं।

ग्रीन गोल्ड कहे जाने वाले ‘राष्ट्रीय बंबू मिशन’ के तहत सरकार ने बांस को बढ़ाबा देने का फैसला किया है।

‘प्रतीकात्मक वनरोपण निधि प्रबंध योजना’के अंतर्गत 200 करोड़ की व्यवस्था की गयी है। जिसके तहत 22 करोड़ पौधों का रिकार्ड रोपण किया जायेगा।

‘समग्र शिक्षा अभियान’ के लिए 18,485 करोड़ की व्यवस्था की गयी है।

गोंडा में कृषि विश्वविद्यालय तथा दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में ‘गुरु श्री गोरक्षनाथ पीठ’ की स्थापना की जाएगी।

लखनऊ विश्वविद्यालय में ‘अटल सुशासन पीठ’ तथा डी ए वी कॉलेज कानपुर में अटल जी की ही याद में ‘सेन्स ऑफ़ एक्सीलेंस’ की  स्थापना की जाएगी।

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में ‘वैदिक विज्ञानं केंद्र’ की स्थापना की जाएगी।

मथुरा -वृंदावन के मध्य ऑडिटोरिम का निर्माण किया जायेगा।

प्रयागराज में भारद्धाज आश्रम और श्रृंगी ऋषि के आश्रमों का विकास किया जायेगा साथ ही श्रंगवेरपुर धाम में निषादराज की स्मृतियों को सहेजा जायेगा।

गोस्वामी तुलसीदास की जन्मस्थली चित्रकूट के राजापुर में ‘तुलसीपीठ’ बनेगी।

बहराइच में राजा सुहेलदेव स्थल और चितौरा झील का विकास किया जायेगा और लखनऊ में बिजली पासी किले का भी विकास किया जायेगा।

ग्रामीण क्षेत्रों में गोशालाओं के निर्माण के लिए 270.60 करोड़ और शहरी क्षेत्रों में कान्हा गोशाला एवं बेसहारा पशु आश्रयों को 200 करोड़ की व्यवस्था की गयी है।

सैफई के ग्रामीण आयुर्विज्ञान संस्थान के लिए 357 करोड़ दिए गए हैं।

बुन्देलखण्ड एवं विंध्य क्षेत्र के गाँवों में ‘पाइप पेयजल योजना’ के लिए 3,000 करोड़ निर्धारित किये गए हैं।

राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के लिए 2,954 करोड़ दिए गए हैं।

प्रदेश में 36 नए थाने बनेंगे व सात पुलिस लाइनें – सम्भल, हापुड़, चंदौली, औरैया, अमरोहा, शामली व अमेठी का निर्माण किया जायेगा।

मदरसों के लिए 459 करोड़ व अल्पसंख्यक छात्र – छात्राओं की छात्रवृत्ति के लिए 942 करोड़ की व्यवस्था की गयी है।

अमृत यानि (अटल मिशन फॉर रिजूविनेशन एन्ड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन) के तहत विकास कार्यों को 2200 करोड़ दिए गए हैं।

वाराणसी में लहरतारा तालाब, कबीर स्थल एवं गुरु रविदास की जन्मस्थली सीर गोवर्द्धनपुर का सौंदर्यीकरण किया जायेगा।

कनहर सिंचाई परियोजना चंदौली, वाणसागर परियोजना मिर्जापुर, मध्य गंगा नहर व सरयूनहर तथा अर्जुन सहायक के लिए 6810 करोड़ दिए गए हैं।

राष्ट्रीय फसल बीमा योजना के लिए 450 करोड़ और राष्ट्रीय कृषि योजना के लिए 892 करोड़ का प्रावधान है।

ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को खेल प्रोत्साहन हेतु युवक मंगल दल योजना के लिए 25 करोड़ की व्यवस्था की गयी है।

1840 रु प्रति क्विंटल की दर से 6000 क्रय केंद्रों के माध्यम से गेहूँ की खरीद होगी 60. 51 लाख क्विंटल बीज का वितरण होगा।

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