क्या आप जानते हैं कंगारू मदर केयर क्या है? नवजात शिशु के लिए वरदान हर मां को पता होना चाहिए

क्या है कंगारू मदर केयर ?

अभी उत्तर प्रदेश में कंगारू मदर केयर खूब ट्रेंड कर रहा था, उत्तर प्रदेश में 6 जून 2017 में 25 कंगारू मदर केयर की शुरुआत की गयी थी, अब कंगारू मदर केयर की इकाइयों की संख्या 69 जिलों के जिला महिला अस्पतालों व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 170 पहुंच गयी है।

जन्म के समय जिन शिशुओं का बजन ढाई किलो तक हो या इससे कम हो,तो ऐसे अपरिपक्व शिशुओं के लिए कंगारू मदर केयर बेहद लाभकारी है। अगर बच्चे को अस्पताल में रखा जाये तो खर्चा बहुत आता है इस लिए  बहुत से बच्चे घर पर ही रहते हैं, और उचित देखरेख न मिलने से ऐसे शिशुओं की अक्सर मृत्यु हो जाती है। इस तकनीक में शिशु को एक वयस्क के साथ त्वचा से त्वचा, अंग से अंग मिला कर रखा जाता है।

कंगारू मदर केयर की शुरुआत – कंगारू मदर केयर तकनीक की शुरुआत बोगोटा कोलंबिया के डॉ एडगर रे सना ब्रिया ने की थी। इस विधि में बच्चे को गर्माहट मिलती है। ठंड के मौसम में हाइपोथर्मिया से बचाने के लिए यह विधि अत्यधिक उपयोगी है, साथ ही शिशु को स्तनपान कराना बहुत ही जरूरी है जिससे बच्चे का डायरिया,निमोनिया जैसे घातक रोगों से बचाव होता है।

कंगारू मदर केयर विधि – ऐसे बच्चे को जन्म के तुरन्त बाद सिर पर टोपी, कमर में लंगोट व हाथ में ग्लब्स व पाँव में मोज़े पहना दें,अगर ग्लब्स न हों तो हाथ में मोज़े ही पहना दें। फिर मां को सहारा देकर सही से बिठा दें। मां की छाती के बीचो – बीच शिशु को चिपका दें, ऐसा शुरुआत में आधा या एक घंटे को कर सकते हैं। यह विधि 24 घंटे भी अपनायी जा सकती है,यह केयर सिर्फ माँ ही नहीं पिता या परिवार का कोई भी साफ – सुथरा व्यक्ति दे सकता है।जब तक बच्चे के बजन नहीं बढ़ता तब तक इसको जारी रखना चाहिए।

Spread the love

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *