अंतरिम बजट 2019 | Interim Budget नरेंद्र मोदी सरकार (Modi Govt)

आम बजट -आम बजट में सरकार नए वित्त वर्ष का लेखा – जोखा पेश करती है। सरकार संसद को बताती है कि आने वाले एक साल में वह किस काम के लिए कितना पैसा खर्च करेगी।

अंतरिम बजट – अंतरिम बजट का जिक्र संविधान में नहीं है। यह कुछ महीनों के लिए होता है, इसमें केंद्र सरकार ख़र्च के आलावा राजस्व का भी विवरण देती है।लेखानुदान की बाध्यताएं इस पर लागू नहीं होती हैं।

वोट ऑन अकाउंट (लेखानुदान ) – यह भी तीन – चार महीने महीने का ही होता है। लेखानुदान में सरकार नई योजनाओं की घोषणा नहीं करती क्यों की उसका कार्य काल ख़त्म हो रहा होता है और जरूरी नहीं की वो सत्ता में फिर वापस आए। इस लिए आने वाली सरकार पर अपने वित्तीय फैसले थोप नहीं सकती। इस लिए सरकार संसद से सिर्फ खर्च के लिए मंजूरी माँगती है।

2019 में 12 वीं बार है जब अंतरिम बजट या लेखानुदान पारित किया गया है। पहला लेखानुदान 1948 में वित्त मंत्री शनमुखम चेट्टी ने पेश किया था उसके बाद फिर नियमित बजट पेश किया जाने लगा।

पहला अंतरिम बजट मोरारजी देसाई ने 1962 – 63 में पेश किया था।

‘प्रधानमन्त्री किसान सम्मान निधि’ के अंतर्गत किसानों को हर साल 6 हजार की राशि मिलेगी, जो दो हजार की तीन किश्तों मेंसीधे किसानों के बैंक खाते जाएगी। लेकिन यह लाभ उन्हीं को मिलेगा जिनके पास दो हेक्टेयर या पांच एकड़ जमीन होगी।

सरकार ने पशुपालन, बागवानी, डेयरी, मछली, पोल्ट्री और मधुमक्खी पालन जैसे क्षेत्रों को भी किसान कार्ड सहित किसानों को वाली अन्य सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।

सरकार ने अलग से मत्स्य विभाग बनाने की भी घोषणा की है। मछली उत्पादन में भारत का विश्व दूसरा स्थान है।

मनरेगा के लिए भी 60000 करोड़ रु का आबंटन हुआ है।

500 करोड़ रु से ‘प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना’ के तहत असंगठित क्षेत्र के कामगारों लिए हर महीने तीन हजार रू पेंशन का प्रावधान किया गया है। इसके लिए 29 वर्ष की आयु में शामिल होने वालों के लिए योगदान 100 रू प्रतिमाह और 18 वर्ष वालों के लिए महज 55 रु परिमह जमा करने होंगे 60 वर्ष की उम्र तक।

गायों के संरक्षण के लिए ‘राष्ट्रीय कामधेनु आयोग’ बनाने की घोषणा की गयी है। जिन गायों के सरंक्षण पर जोर दिया गया है उनमे गिर, साहीवाल, राठी, देउनि, थारपारकर और रेडसिंधी जैसी नस्ल शामिल है।

फिल्मों की शूटिंग आसान करने के लिए सिंगल विंडो किलयरेन्स सुविधा दी गयी है। जो अब तक केवल विदेशी फिल्म निर्माताओं के लिए उपलब्ध थी।

आयुष्मान भारत के तहत देश में 2022 तक 1. 5 लाख वेलनेस सेंटर खोलने की योजना है। 2030 तक ‘स्वस्थ इण्डिया’ बनाने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही  22वें एम्स बनाए की घोषणा की गयी है जो हरियाणा के रेवाड़ी जिले के मनेथी गाँव में बनेगा। वहीं झज्जर जिले के बदसा में नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट बनाने की भी योजना है।

रक्षा बजट में 3 लाख करोड़ रु से अधिक का प्रावधान है।

1 लाख ‘डिजिटल गाँव’ बनाने की योजना है, एक राष्ट्रीय आर्टीफिशियल केंद्र की स्थापना की जाएगी। 2030 के मिशन में डिजिटल भारत का निर्माण भी शामिल है।

‘सौभाग्य योजना’ के अंतर्गत मार्च तक सभी घरों को बिजली कनेक्शन तथा उज्ज्वला योजना में दो करोड़ और मुफ्त गैस कनेक्शन की व्यवस्था की गयी है।

महिलाओं के लिए मातृत्व अवकाश अब 26 हफ्ते कर दिया गया है।

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