२६ जनबरी की शाम एक परिचित के यहाँ सगाई थी, उसमें जाना हुआ। बहुत सारे लोग मिले, सभी देश और देश से जुड़ी समस्याओं पर ही विचार – विमर्श कर रहे थे।  युवाओं में खासा गुस्सा था उनका कहना था – हम भी देश के लिए कुछ करना चाहते हैं लेकिन समझ में ये नहीं