कहते हैं कोई तो चमत्कारिक शक्ति है उपर, जो दुनिया को चला रही है वह शक्ति राई को पर्वत और पर्वत को राई कर सकती है, उसकी महानता और शक्ति अपरम्पार है उसकी नजरों से कुछ भी बचा नही है, दार्शनिक, संत – फकीर जन कहते है कि अपने स्वार्थों कि पूर्ति हेतु जो आराधना